National Award by the Hon’ble President of India Sh. Ram Nath Kovind to Smt. Kiran Chopra Chairperson VNKC. For Best Institution for Providing Services To Senior Citizens And Awareness Generation

वरिष्ठ नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने और जागरूकता सृजन के लिए सोमवार को ‘वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब’ को सर्वश्रेष्ठ संस्था का राष्ट्रीय पुरस्कार ‘वयोश्रेष्ठ सम्मान-2017’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह सम्मान ‘वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब’ की चेयरपर्सन श्रीमती किरण चोपड़ा को प्रदान किया। इस दौरान भाजपा सांसद श्री अश्विनी कुमार चोपड़ा भी मंच पर साथ थे।

गौरतलब है कि इन पुरस्कारों को एक अक्टूबर को पडऩे वाले अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (आईडीओपी) समारोह के एक हिस्से के रूप में प्रदान किया गया। इस वर्ष सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा ‘वयोश्रेष्ठ सम्मान-2017’ में कुल 11 कैटेगरी में कुल 22 पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया। समाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वर्ष 2005 से वृद्धजनों के सम्मान में अंतरराष्ट्रीय दिवस मना रहा है। वयोश्रेष्ठ सम्मान को 2013 में ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ का दर्जा दिया गया। इन पुरस्कारों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और उन्हें समाज और राष्ट्र के निर्माण में बुजुर्गों के योगदान को समझने में मदद मिलेगी।

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा, ‘वयोश्रेष्ठ सम्मान-2017 से पुरस्कृत हमारे नागरिक, हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। आप सब की प्रेरणादायी विशेषताओं पर आधारित जो फिल्में हमने देखीं हैं, उनका व्यापक प्रचार और प्रसार भी होना चाहिए। मां की ममता से लेकर संघर्ष में बहादुरी तक, कला से लेकर खेल और जोखिम तक, चिकित्सा से ले कर जन-सेवा तक अनेक क्षेत्रों में आपने जो योगदान दिया है उस सबसे हमें बहुत कुछ सीखने की जरुरत है।

राष्ट्रपति ने कहा पिछली जनगणना के अनुसार हमारे देश में वरिष्ठ नागरिकों की आबादी लगभग साढ़े दस करोड़ थी, जो कि हमारी कुल आबादी का लगभग साढ़े आठ प्रतिशत था। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा अन्य कारणों से हाल के दशकों में औसत जीवनकाल में वृद्धि हुई है इसमें और भी वृद्धि होने की संभावना है। अनुमान है कि सन 2050 तक वरिष्ठ लोगों की संख्या हमारी कुल जनसंख्या का लगभग 19 प्रतिशत हो जाएगी। जिन लोगों को यहां सम्मान मिला है वास्तव में वह देश के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं।

इनसे सीख लेने की जरूरत है। आत्म चिंतन और मनन की जरूरत है। इससे पहले केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि देश में वृद्धजनों के लिए कानून हैं, लेकिन उसका उपयोग वह नहीं कर रहे हैं। अगर किसी वृद्ध के साथ खराब व्यवहार होता है तो वह कानून की मदद ले सकते हैं। गहलोत ने कहा कि संयुक्त परिवार की परम्परा बरकरार रहनी चाहिए। इस मौके पर सामाजिक एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर व रामदास अठावले भी मौजूद थे।